बाबा रामदेव का भ्रस्टाचार और काले धन खिलाफ अनशन शुरू हो चुका है.
इस अनशन को अपार जन समर्थन भी मिल रहा है.
सरकार ने बाबा को अपने हिसाब से मनाने की कोशिश तो बहुत की लेकिन बाबा नहीं माने.
यु पी ए के कई नेता बाबा को मनाते मनाते हार गए.
प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने भी मनाने की कोशिश की तो बाबा थोड़े आश्वासन से खुश तो हुए पर पूरे नहीं.
बाबा ने प्राणायाम का जोड़ लगा कर सबकी छुट्टी कर दी.
बाबा तो अन्ना के शुरू किए भ्रस्टाचार के अभियान को आगे बढाकर अन्ना से भी आगे निकल गए .





