स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें

स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें

गुरुवार, 18 अगस्त 2011

अन्ना का समर्थन ऐसे भी


इस समय अन्ना के समर्थन में तो पूरा देश खड़ा है  . आप भी विभिन्न तरीको से अन्ना के आन्दोलन का समर्थन कर सकते है .
अपने घर के बाहर हर शाम को एक दिया या मोमबत्त्ती जलाये जो बाहर से दिखाई भी दे . किसी के पूछने पर कहे यह भ्रस्टाचार के विरोध में किये गाये  आन्दोलन को प्रकाशित कर रहा है.

शाम को किसी सार्वजनिक  स्थान पर भीड़ का हिस्सा बनने का  बनने का प्रयास करे 

अपने  फेसबुक , ट्विटर , ऑरकुट आदि के अकाउंट का स्टेटस मेसेज "मैं अन्ना हूँ "  रखे .

अपने ईमेल को भेजते समय ईमेल का अंत अपने नाम से पहले अन्ना लगाकर करे .

आपस में बात करते समय नाम के पहले अन्ना लगाकर बात करे जैसे  "अन्ना अजय जी आप कैसे है ? "

अन्ना के चित्र वाला वालपेपर अपने कंप्यूटर पर लगाये.

जिस तरह आपको कोई शाबाश  कहता है तो आप उत्साह से भर जाते है या आपके अन्दर नई उर्जा का संचार हो जाता है उस तरह जैसे जैसे लोग अन्ना का समर्थन करेंगे अन्ना की उर्जा बढ़ती ही जाएगी .

पर इस समय  ऐसे भी कई लोग है जो अन्ना का समर्थन किसी मजबूरी के कारण नहीं  कर पा रहे है . यह तरीका  उन लोगों के लिए है . मैं आप लोगो को बता दूं की अन्ना को आप भी अपना समर्थन अपनें उर्जा के रूप में दे सकते है . अपनी उर्जा विरोध में नष्ट न करे. अनशन के लिए वैसे भी अन्ना को उर्जा की आवश्यकता तो है ही.  हम लोग यह तो जानते ही है की हम लोग हमेशा ही अपने विचारों के रूप में उर्जा उत्सर्जित करते ही रहते है . यह विचारो से भरी उर्जा अपना लक्ष्य जरुर पूरा करती है. हमें इसी उर्जा का उपयोग करना है.



इसके दो विधियाँ है . 
पहली विधि : यह उन पर लागू होती  है जो रोज़ ध्यान (meditation) करते है .
ध्यान की अवस्था में हमारा अवचेतन मष्तिस्क (subconscious mind)  सक्रिय रहता है और ध्यान की अवस्था में अवचेतन  मष्तिष्क (subconscious mind) बहुत ही शक्तिशाली  होता है. ध्यान के समय अपने मष्तिष्क पटल पर अन्ना हजारे को देखे और मन ही मन कहे " मैं अपने अवचेतन मन (subconscious mind ) से अनुरोध करता हूँ की वह मेरे शरीर की उर्जा प्राकृतिक रूप से अन्ना हजारे के शरीर को उनके  अवचेतन मन (subconscious mind ) की सहायता से पहुचाये " जितना संभव हो उतना समय इस ध्यान में दे.

दूसरी विधि : यह विधि उन लोगो के लिए है जो ध्यान नहीं करते है . आप पहली विधि में दिए निर्देश का पालन  रात में सोने से पहले और सुबह में उठते समय भी कर सकते है .रात में सोने से पहले यदि स्नान करे तो बेहतर होगा. जिस समय आप सोने के लिए जा रहे होते है आपका अवचेतन मन उस समय सक्रिय हो जाता है . सुबह में जिस समय आप उठने ही वाले  होते है उस समय भी आपका अवचेतन मन सक्रिय ही रहता है.अपने मष्तिष्क पटल पर ध्यान दे, उसमे कम्पन्न महसूस करे . उसके बाद पहली विधि से ध्यान करे 

यह उर्जा स्थानान्तरण अवचेतन मन के सक्रिय रहने की अवस्था में ही हो सकता है . यदि विद्वान लोग  इसमें कुछ सुधार करना चाहे तो सुधार कर मुझे भी बताएं  . आप इसे अपने क्षेत्रीय भाषा में लिख कर भी अवश्य शेयर करे   . इसे फेसबुक या ट्विटर पर भी शेयर करे.  आप अपने ईमेल से इस सन्देश को अपने मित्रो और परिजनों तक भेज कर भी अपना समर्थन दे सकते है. 

*(मेरे पति राज कुमार झा की कलम से )

32 टिप्‍पणियां:

दिवस ने कहा…

आदरणीय राजकुमार झा जी की लेखनी ने मन मोह लिया| ध्यान से देखा जाए तो ये दो विधियां अधिक कारगर सिद्ध होंगी|
राजकुमार जी का धन्यवाद, आपका भी धन्यवाद जो आपने उनके विचार हम तक पहुंचाए...

रेखा ने कहा…

सन्देश कुछ सम्पादित किया गया है एक बार फिर से देखिये

vijai Rajbali Mathur ने कहा…

भावावेश मे अन्ना का आपने समर्थन किया है,कर सकते हैं,परंतु राष्ट्र-हित की भी सोचे । अमेरिका अपनी डोलती आर्थिक स्थिति मे भारत द्वारा उसे दिये कर्ज की वापीसी की आशंका से ग्रसित था उसने अपने अधिकारियों के माध्यम से अन्ना और उनकी मंडली को भड़का कर यह आंदोलन करा दिया जिसे मनमोहन सरकार का पूरा वरद-हस्त प्राप्त है। पी एम साहब तो वर्ल्ड बैंक एयर I M F के पुराने चहेते हैं ही। यह सारा नाटक आदिवासी समस्याओं ,मजदूरों के उत्पीड़न,महिला शोषण आदि से ध्यान हटाने हेतु है। इस पर भी गौर करे।

Bharat Bhushan ने कहा…

संसद से बाहर बीजेपी इसे ऑर्गोनाइज़ कर रही है और संसद में काँग्रेस और बीजेपी दोनों इस बात पर सहमत हैं कि अन्ना टीम को संसद पर हावी न होने दिया जाए.
Vijai Mathur जी की टिप्पणी में जो कहा गया है उसके संकेत कई जगहों से आ रहे हैं. उनकी टिप्पणी में दम है.

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

हम अन्ना के भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन का समर्थन करते हैं .....पूरे जोश और पूरे होश के साथ |

संजय भास्‍कर ने कहा…

हम अन्ना आन्दोलन का समर्थन करते हैं

smshindi By Sonu ने कहा…

हम अन्ना आन्दोलन का समर्थन करते हैं!!

smshindi By Sonu ने कहा…

हम अन्ना आन्दोलन का समर्थन करते हैं!!

smshindi By Sonu ने कहा…

Rekhaji very very nice post.

virendra sharma ने कहा…

veerubhai said...

दुर्भाग्य यह है सरकार अभी भी छल बल अगर मगर में बात कर रही है यह तो मानती है हिन्दुस्तान की राजनीतिक काया पर ट्यूमर जगह बना चुका है जिसका जड़ मूल उन्मूलन ,निरमूलंन ही समाधान है .लेकिन सरकार इसका ४०%हिस्सा ही हटाने को राजी है .सरकार अभी भी जनता की सदाशयता बटोर सकती है .इस बिल को राहुल गांधी को पदारूढ़ कर पारित करवाए ,अपनी फजीहत होने से बचाए .इस काग भगोड़े को हटाये .लेकिन सरकार अभी भी सलमान खुर्शीद जैसे मंजे मंजाये राजनीति के चिरकुट को आगे कर रही है .
भाई साहब अन्नाजी तो अपनी काया राष्ट्र को सौंप चुकें हैं .पीछे हटने वाले नहीं हैं ,प्राणअंत तक अनशन रखने की घोषणा कर चुकें हैं .
राष्ट्र के समक्ष प्रस्तुत समस्या का समाधान संसद को अदालत बनाने से नहीं निकलेगा .कोंगरे के कुनबे में पहले ही फूट पद चुकी है पुराने कोंग्रेसी इसका राजनीतिक समाधान ही चाहतें हैं .

virendra sharma ने कहा…

veerubhai said...

दुर्भाग्य यह है सरकार अभी भी छल बल अगर मगर में बात कर रही है यह तो मानती है हिन्दुस्तान की राजनीतिक काया पर ट्यूमर जगह बना चुका है जिसका जड़ मूल उन्मूलन ,निरमूलंन ही समाधान है .लेकिन सरकार इसका ४०%हिस्सा ही हटाने को राजी है .सरकार अभी भी जनता की सदाशयता बटोर सकती है .इस बिल को राहुल गांधी को पदारूढ़ कर पारित करवाए ,अपनी फजीहत होने से बचाए .इस काग भगोड़े को हटाये .लेकिन सरकार अभी भी सलमान खुर्शीद जैसे मंजे मंजाये राजनीति के चिरकुट को आगे कर रही है .
भाई साहब अन्नाजी तो अपनी काया राष्ट्र को सौंप चुकें हैं .पीछे हटने वाले नहीं हैं ,प्राणअंत तक अनशन रखने की घोषणा कर चुकें हैं .
राष्ट्र के समक्ष प्रस्तुत समस्या का समाधान संसद को अदालत बनाने से नहीं निकलेगा .कोंग्रेस के कुनबे में पहले ही फूट पड़ चुकी है पुराने कोंग्रेसी इसका राजनीतिक समाधान ही चाहतें हैं .
रेखा जी आपकी पोस्ट महत्वपूर्ण है सभी सुझाव अनुकरणीय है इस दौर में सूक्ष्म ऊर्जा के सामूहिक विस्फोट की निस्संदेह ही हम सबको ,सभी अन्नाओं को ज़रुरत है .

Bharat Bhushan ने कहा…

रेखा बिटिया, मैंने जो टिप्पणी दी है वह विजय माथुर जी की टिप्पणी में निहित कुछ बिंदुओं को लेकर है. अन्ना की सदाशयता को लेकर मुझे कोई संदेह नहीं है. अपनी टिप्पणी में मैंने विषय पर बात नहीं की जो होनी चाहिए थी. इस लिए जोड़ना चाहता हूँ कि झा जी ने अपने विषय को बहुत बढ़िया तरीके से संप्रेषित किया है और मैंने उसे पूरे सम्मान के साथ पढ़ा है.

कुमार राधारमण ने कहा…

अतीन्द्रिय शक्तियों को जगाकर ऊर्जा के पारलौकिक अंतरण की प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक और सिद्ध है।

महेन्‍द्र वर्मा ने कहा…

अच्छे सुझाव हैं।
हम भी कर के देखेंगे।

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

बहन रेखा जी आप तो अन्‍ना हजारे के इस आंदोलन से पूरी तरह जुड़े हैं और आपने तो अपने ब्लॉग में सिर्फ अन्‍ना अन्‍ना अन्‍ना ही हम इस आन्दोलन को पूरा समर्थन करते हैं!
आपका और पिता जी राजकुमार झा जी आभार

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

बहन रेखा जी अन्‍ना हजारे का आंदोलन पूरे देश में आजादी की दूसरी लड़ाई के रूप में उभरा है!

SACCHAI ने कहा…

" aapke blog par paheli baar hi aaya hu ..sach me ek behatarin blog hai aapka ... aapne jis tarha se apani bat rakhi hai yahan is post me vo kabile tarif hai " RAJKUMAR ji " ko meri aur se badhai dena "

- http://eksacchai.blogspot.com

Rakesh Kumar ने कहा…

एक ७४ साल का बूढा आदमी अनशन कर रहा है,
भ्रष्टाचार के खिलाफ ,इसमें भी लोगो को षड्यंत्र नजर आ रहा है. कमाल है.अन्ना का जीवन एक मिसाल है.क्या इतने अंधे,स्वार्थी और खुदगर्ज हो गए हैं हम कि जो लोग देश के भले की सोचे उन पर मन गडंत आरोप मंडे .धिक्कार है.

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ ने कहा…

आपके इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा दिनांक 22-08-2011 को सोमवासरीय चर्चा मंच पर भी होगी। सूचनार्थ

virendra sharma ने कहा…

ऊर्जा का अंतरण -स्थानान्तरण एक सहज स्वाभाविक प्रक्रिया है ,मैं आत्मा हूँ ,शिवबाबा का बच्चा हूँ ,परमधाम (एक्स्ट्रा -गेलेक्तिक वर्ल्ड )का रहने वाला हूँ .मैं शिवबाबा से ऊर्जा ग्रहण कर विश्व -आत्माओं तक पहुंचाता हूँ इसी राज योग के ज़रिये ,यही राज योग है सहज सरल .दीक्षा के लिए जाएँ ,"ब्रह्माकुमारीज़ आश्रम "/ईश्वरीय विश्व -विद्यालय,बहुत सार्थक और आज के सन्दर्भ में मौजू पोस्ट जय अन्ना ,जय भारत . . रविवार, २१ अगस्त २०११
गाली गुफ्तार में सिद्धस्त तोते .......
http://veerubhai1947.blogspot.com/2011/08/blog-post_7845.html

Saturday, August 20, 2011
प्रधान मंत्री जी कह रहें हैं .....
http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/
गर्भावस्था और धुम्रपान! (Smoking in pregnancy linked to serious birth defects)
http://sb.samwaad.com/

रविवार, २१ अगस्त २०११
सरकारी "हाथ "डिसपोज़ेबिल दस्ताना ".

http://veerubhai1947.blogspot.com/

कविता रावत ने कहा…

बस ये मसाल बुझने नहीं चाहिए ..
जाग गए तो अब कभी न सोयेंगे यही सबको करना है..
बहुत बढ़िया आलेख प्रस्तुति के लिए आभार
जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामना

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

जन लोकपाल बिल का पूरा पाठ मेरे सामने रखा है... अभी अभी पूरा पढ़ा है... उसमें सभी तथ्य देशहित के ही हैं... . हमारा देश है... हमें इसकी अस्मिता की रक्षा के प्रति सजग रहना होगा...
भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन को पूरा समर्थन है....
सफलता की कामना....
सादर...

prerna argal ने कहा…

/बिलकुल सही लिखा आपने प्रत्येक ब्यक्ति को अपनी तरफ से समर्थन देना चाहिए /क्योंकि ये जनहित के लिए बिल पास हो रहा है /अन्नाजी के माध्यम और उनके नेतृत्व में जनता जागी है /अब ये आन्दोलन सफल होना ही चाहिए / शानदार अभिब्यक्ति के लिए बधाई आपको /जन्माष्टमी की आपको बहुत बहुत शुभकामनाएं /
आप ब्लोगर्स मीट वीकली (५) के मंच पर आयें /और अपने विचारों से हमें अवगत कराएं /आप हिंदी की सेवा इसी तरह करते रहें यही कामना है /प्रत्येक सोमवार को होने वाले
" http://hbfint.blogspot.com/2011/08/5-happy-janmashtami-happy-ramazan.html"ब्लोगर्स मीट वीकली मैं आप सादर आमंत्रित हैं /आभार /

Kunwar Kusumesh ने कहा…

I support anna.

virendra sharma ने कहा…

Tuesday, August 23, 2011
इफ्तियार पार्टी का पुण्य लूटना चाहती है रक्त रंगी सरकार .
जिस व्यक्ति ने आजीवन उतना ही अन्न -वस्त्र ग्रहण किया है जितना की शरीर को चलाये रखने के लिए ज़रूरी है उसकी चर्बी पिघलाने के हालात पैदा कर दिए हैं इस "कथित नरेगा चलाने वाली खून चुस्सू सरकार" ने जो गरीब किसानों की उपजाऊ ज़मीन छीनकर "सेज "बिछ्वाती है अमीरों की ,और ऐसी भ्रष्ट व्यवस्था जिसने खड़ी कर ली है जो गरीबों का शोषण करके चर्बी चढ़ाए हुए है .वही चर्बी -नुमा सरकार अब हमारे ही मुसलमान भाइयों को इफ्तियार पार्टी देकर ,इफ्तियार का पुण्य भी लूटना चाहती है ।
अब यह सोचना हमारे मुस्लिम भाइयों को है वह इस पार्टी को क़ुबूल करें या रद्द करें .उन्हें इस विषय पर विचार ज़रूर करना चाहिए .भारत देश का वह एक महत्वपूर्ण अंग हैं ,वाइटल ओर्गेंन हैं . http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/

G.N.SHAW ने कहा…

राजकुमार जी को बधाई ! बहुत ही सुन्दर तथ्य सामने लाये है !

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

राजकुमार झा जी ने अपनी कलम से सरलतम उपाय बताये हैं - स्वागत योग्य हैं.हमारा पूर्ण समर्थन है.

Amrita Tanmay ने कहा…

सूक्ष्म सम्प्रेषण अजपा जाप की विधि द्वारा भी की जाती है. इसके लिए अलग से ध्यान करने की कोई आवश्यकता नहीं है. बस अपने विचारों को मन ही मन बार-बार दोहराना होता है. जो धीरे-धीरे बाहर प्रकट होने लगता है. अच्छी लगी पोस्ट.

sm ने कहा…

everyone should Support Anna

abhi ने कहा…

अन्ना का समर्थन तो सभी कर रहे हैं, अपने अपने तरीके से..सोशल नेटवर्किंग साइटों पर तो क्रान्ति चल ही रही है..

Bharat Bhushan ने कहा…

जन लोकपाल के पहले चरण की सफलता पर बधाई.

ZEAL ने कहा…

देर से आने के लिए क्षमाप्रार्थी हूँ। झा साहब ने बहुत सूक्ष्मता से विश्लेषित कर सुझाव प्रस्तुत किये हैं। मेरी भी सहमती समझी जाए।