स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें

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गुरुवार, 22 सितंबर 2011

भूकंप : खतरा न्यूनीकरण



भूकंप एक प्राकृतिक घटना है ,जिस पर मनुष्य का बहुत कम अथवा नहीं  के बराबर नियंत्रण रहता है  भूकंप की घटना के समय ,स्थान और परिमाण के बारे में सही -सही अनुमान करना कठिन है  ,परन्तु यह आवश्यक है कि भूकंप के बारे में जानकारी रखी  जाए कि इसका सामना कम -से -कम क्षति के साथ कैसे किया जाय .  भारत जैसे देश में भूकंप खतरा न्यूनीकरण का अत्यधिक महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि समुदाय आपदा स्थिति से निपटाने के लिए प्रशिक्षित किया जाय . केवल जागरूक और जिम्मेदार समुदाय ही भूकंप आपदा के प्रभाव को कम कर सकता है  .  
भूकंप की समस्या  से निपटने के लिए सबसे उत्तम तरीका यह है कि भूकंपरोधी संरचनाओं और भवनों का निर्माण किया जाय एवं भूकंप न्यूनीकरण योजना बनाई जाए ,ताकि भूकंप प्रबंधन की प्रत्येक अवस्था के लिए सावधानी बाराती जा सके .

 भूकंप से पहले और बाद में " क्या करें "और "  क्या न करें  " बातों का ध्यान रखा जाए , तो इस आपदा के न्यूनीकरण में निश्चय ही बहुत सहायता मिलेगी . 

भूकंप से पूर्व  

* भूकंपरोधी निर्माण के लिए स्थानीय भवन निर्माण संहिताओं का पालन करें 
* कमजोर संरचनाओं अथवा इंजीनियरी रहित संरचनाओं में भूकंप पूर्व प्रभावी अनुरुपांतर क्कारावाने के लिए सलाह दें . 
*भूकंप आपदा प्रबंधन तैयारी के अभ्यासों और प्रशिक्षण सत्रों में भाग लेंऔर अन्य लोगों को भी प्रोत्साहित करें . 
प्राथमिक चिकित्सा सीखें   

*अग्रिम रूप से अपने क्षेत्रों के लिए चिकित्सा सुविधा केंद्र , आग बुझाने  का केंद्र , पुलिस थाना और संगठित रहत केन्द्रों की पहचान कर लें एवं उनके साथ संपर्क बनाए रखें . 
* प्रत्येक परिवार के लिए आपदा न्यूनीकरण योजना बनाएँ  . 
* प्रत्येक समुदाय को अपने क्षेत्र में हर घर के व्यक्तियों , पालतू जानवरों का रिकार्ड रखना चाहिए तथा कमजोर और वृद्ध लोगों की सूची बनानी चाहिए 


भूकंप के दौरान 

 *  शांत रहें और दूसरों को आश्वासन दें . 
 *गैस और बिजली के मुख्य प्वाइंटों  को बंद कर दें . 
* यदि घर के अन्दर हैं तो बाहर भय से न भागें और लिफ्ट का उपयोग न करें 
* यदि भवन के अन्दर ,तो मजबूत दरवाजे अथवा कोने में खड़े  रहें या मजबूत पलंग अथवा मेज के नीचे रेंग कर चले जाएँ 
* गिराने वाली वस्तुएं जैसे प्लास्टर ,इंट,आलमारी आदि का ध्यान रखें . 
* कांच की खिड़कियों और शीशों से दूर रहें . 
* यदि बाहर हैं तो ऊँचे ,भवनों ,दीवारों ,बजली के खम्भों और अन्य जिन वस्तुओं के गिराने की संभावना हो उनके पास न जाएँ .यदि संभव हो तो दूर खुले स्थान में चले जाएँ .  
* यदि गाड़ी चला रहें हों तो पुल , फ्लाई -ओवर , खम्भों ,भवनों और पेड़ों से दूर रुकें . 

भूकंप के बाद 

"उत्तरघात" बाद में आने वाले झटकों के लिए तैयार रहें ,जो सामान्यतः कम परिमाण के होते हैं परन्तु पहले भूकंप के प्रभाव से अर्धनष्ट हुई संरचनाओं के बाकी बचे हुए मलबे के गिराने से काफी क्षति पहुँच सकती है . 
* आग लगाने की घटनाओं की जाँच करें . 
* घर में हुए नुकसान की जाँच करें -- यदि आवश्यक हो तो घर खाली कर दें .  
* घायलों की जाँच करें --उनको प्राथमिक उपचार दें ,गंभीर रूप से घायलों को न हिलाएं जब तक कि वह और अधिक चोट लगाने के प्रत्यक्ष खतरे में न घिरे हों और जो मलबे में आंशिक रूप से दबे हुए हैं ,उनको सावधानी पूर्वक बाहर निकालें .  
* सेवा कीसभी लाइनों और उपकरणों की जाँच करें ,जलानेके लिए माचिस या लाइटर का उपयोग न करें जब तक यह पता न लगे कि गैस कहीं से लीक तो नहीं हो रही है . 
* बजली के नीचे गिरे तार आदि को कभी न छुएँ . 
* क्षेत्र में चक्कर लगाएँ और मलबे के नीचे दबे हुए लोगों क़ी आवाजें सुनने क़ी कोशिश करें .  
* सभी क्षेत्रों में जाते समय अपने जुते पहनें विशेषकर मलबे और टूटे हुए कांच के ढेर के पास . 
* सरकारी प्राधिकारियों के साथ सहयोग करें --  सरकारी अधिकारी ,पुलिस और अग्नि शमन सेवा के कर्मचारियों क़ी सहायता और सहयोग कर सकें तो अच्छा रहेगा . 
* क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में जाकर भीड़ न लगाएँ जब तक कि मदद के लिए अनुरोध न किया जाये .  
* न तो अफवाह फैलाएँ और न ही अफवाह सुनें . 
* उन लोगों क़ी खोज करें जो नहीं मिल पाए हैं 

भगवान करे आपके जीवन में इस तरह की परिस्थिति कभी उत्पन न हो ,लेकिन अगर इस तरह की आपदा कभी आए तो मेरे द्वारा दी गई सलाह पर जरुर अमल करें ताकि हमें  कम -से -कम क्षति हो .एक और बात का ध्यान रखें भूकंपरोधी संरचना ही बनाएँ. इसके बनाने से केवल ५ से १०  प्रतिशत की सीमित लागत बढती है और यह लागत अधिक भूकंप रोधन सुरक्षा प्रदान करती है .हम वर्त्तमान भवनों को भी अनुरुपान्तरित करके भूकंपरोधी बना सकते हैं .
अधिकतर ऐसा  देखा गया है कि  गलत तरीके से निर्णित संरचनाएं ही लोगों के मृत्यु का कारण बनती है न कि भूकंप की घटना . अधिकांश भूकंप से सम्बंधित मौतें और वित्तीय नुकसान घरों और अन्य भवनों तथा संरचनाओं के ढह जाने से होता है . हालाँकि कोई भो भवन भूकंप के प्रति रोधी नहीं हो सकता ,परन्तु भवन निर्माण में भूकंप रोधी डिजाइन आपदा न्यूनीकरण में सहयोग करता है 

26 टिप्‍पणियां:

Bhushan ने कहा…

भूकंप की त्रसदी को न्यून करने के उपाय बताने के लिए आपका आभार. एक ही जगह पर इतनी जानकारी मिल पाई है. सच में आपदा प्रबंधन के मामले में अभी भारतीयों को बहुत कुछ सीखना है.

मनोज कुमार ने कहा…

यह पोस्ट समसामयिक ही नहीं सर्वकालिक उपयोग की है। इस जानकारी से कई हादसे टल सकते हैं।

Atul Shrivastava ने कहा…

मनोज जी से सहमत। सर्वकालिक पोस्‍ट है यह।
एक बात और कहना चाहूंगा कि प्रकृति से खिलवाड के कारण ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
भारत में इससे पहले तक छत्‍तीसगढ को सेफ जोन में रखा गया था, पर का बुरी तरह दोहन और कोयले और आयरन के लिए जमीनोइस को खोदकर तबाह कर देना... इसके बाद भी कैसे सेफ जोन रह सकता है।
आभार आपका बेहतरीन जानकारी के लिए।

smshindi By Sonu ने कहा…

बहुत सुंदर लिखा आपने.....आभार

कुमार राधारमण ने कहा…

भयावह तस्वीरों के कारण पोस्ट का चित्रण अधिक कारगर रहा है। अब भी न चेते,तो मलबे में ही गए समझो।

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

आप बहुत अच्छा लिखती हैं...वाकई
बहुत ही सुंदर जानकारी
बहुत ही बेहतरीन लेख के लिए बधाई

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

जनहित में बहुत ही उपयोगी जानकारी दी है. निश्चय ही पाठकों को कभी न कभी जरूर ही काम आ सकती है.

shashi ने कहा…

हम ही आपके पास आ गए कुछ गुनगुनाने के लिए |

आपके ब्लॉग पर रोचक और ज्ञानवर्धन लेख | अच्छा लगा |
बधाई |

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" ने कहा…

yah jaankari bahumulya hai..har aadmi ko is jaankari se labh milega..hardik badhayee ke sath

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

उपयोगी प्रस्तुति.... सार्थक लेखन...
सादर...

mahendra verma ने कहा…

भूकंप के संबंध में उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करने के लिए आभार, रेखा जी।

G.N.SHAW ने कहा…

वाह रेखा जी = बहुत ही कम की जानकारी दी है !सोंचा प्रिंट निकाल लू , पर कॉपी राईट का भय है ! संग्रहनीय जानकारी !

अभिषेक मिश्र ने कहा…

बहुत ही उपयोगी और महत्वपूर्ण जानकारी दी है आपने; जिनके बारे में जनजागरूकता भी जरुरी है. अफ़सोस कि अबतक हमारे यहाँ एक 'डिजास्टर मैनेजमेंट पॉलिसी' भी नहीं बन पाई है. इस सन्दर्भ में मेरी एक पोस्ट 'साइंस ब्लोगर्स असोसिएशन' पर भी आई थी जिसे 'दैनिक जागरण'में भी प्रकाशित किया गया.

http://sb.samwaad.com/2011/09/blog-post_23.html

ZEAL ने कहा…

Very usful and informative post Rekha ji , thanks.

रेखा ने कहा…

जो भी व्यक्ति मेरी पोस्ट को शेयर करना चाहते है या अपने पास सहेज कर रखना चाहते है , कर सकते है मेरी लगभग सभी पोस्ट लोकहित में ही होती है .

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…






आपको सपरिवार
नवरात्रि पर्व की बधाई और
शुभकामनाएं-मंगलकामनाएं !

-राजेन्द्र स्वर्णकार

Maheshwari kaneri ने कहा…

भूकंप के संबंध में उपयोगी और सार्थक जानकारी ..नवरात्रि पर्व की बधाई

veerubhai ने कहा…

समसामयिक प्रासंगिक पोस्ट .रीयाल्टर बंधू नोट करें इन सुझावों को भवन निर्माण में शामिल करें .

Kunwar Kusumesh ने कहा…

बड़ी अच्छी जानकारी दी है आपने,आभार.

सदा ने कहा…

बहुत ही अच्‍छी जानकारी दी है आपने इस आलेख में ।

mahendra srivastava ने कहा…

क्या कहूं,
बहुत ही उपयोगी पोस्ट, लाभ उठाना होगा लोगों को

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बहुत उपयोगी जानकारी ... समय पर अगर सब्लाभ उठा सकें तो कितना अच्छा हो ...

Vijai Mathur ने कहा…

आप सब को विजयदशमी पर्व शुभ एवं मंगलमय हो।

Babli ने कहा…

बहुत बढ़िया लिखा है आपने! लाजवाब प्रस्तुती!
आपको एवं आपके परिवार को दशहरे की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें !

सतीश सक्सेना ने कहा…

बेहद उपयोगी लेख जो हर किसी को पढना चाहिए .....अफ़सोस है कि ब्लॉग पर लोगों को पढने की आदत नहीं है !
शुभकामनायें आपको !

Naveen Mani Tripathi ने कहा…

bahut mahattvpoorn lekh ... abhar .

mere blog pr apka aamantrn.