स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें

स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें

रविवार, 8 मई 2011

मदर्स डे की शुभकामनाये

आज के दिन हर कोई अपनी माँ को हैप्पी मदर्स डे कहते हुए देखा जा सकता है .  प्रमुख सर्च इंजन गूगल ने माँ को समर्पित इस दिन को खाश बनाने के लिए  अपनी वेबसाइट मदर्स डे को समर्पित कर दी है.

 ये मदर्स डे हमारे संस्कृति का हिस्सा तो नहीं है क्योंकि हमारे यहाँ तो माँ को वो जगह दी जाती रही है जो भगवान से भी ऊपर है  और माँ को किसी खास दिन से बांधा नहीं जा सकता है .
 फिर भी में इसके खिलाफ इसलिए नहीं हूँ क्योंकि हमारे देश में भी पश्चिमी देशो का असर बढ़ता जा रहा है और यहाँ भी नई पीढ़िया इस तरह भागदौड़ की जिन्दगी जी रही है कि उनको रिश्तो को सँभालने और सवारने का समय नहीं मिल पाता है इसलिए मेरे बिचार से कम से कम इसी बहाने अपनी माँ के लिए आज का दिन बच्चे खास बना सकते है.  

अंग्रेजी भाषा में GOD माने भगवान है 
G मतलब generator जो सृजन करे यानि ब्रह्मा जी ब्रह्मा जी ने सृष्टि की वृद्धि के लिए अपनी शक्ति से लाखो पुरुषो को रचा जो भगवान की भक्ति में लीन हुए परन्तु सृष्टि की वृद्धि नहीं हुई .
O मतलब Operator जो पालन पोषण करे यानि विष्णु जी 
D मतलब Destructor यानि जो अंत करे यानि महेश .( शिवजी ) 

ये तीनो चक्र केवल नारी ही कर सकती है .इसके गर्भ में देवता, बड़े बड़े महात्मा , विद्वान , बड़े बड़े बैज्ञानिक ,अविष्कारक , राजनीतिज्ञ सम्राट या शूरवीर पैदा होते है इतना तो ब्रह्मा जी भी नहीं कर सकते है . जीव के गर्भ में आते है उसका पालन पोषण खुराक, प्राण वायु  शरीर की समस्त मशीनरी का संचालन होता है . वह जीव गर्भ में पूर्ण तय सुरक्षित रहता है . उसे अपने स्वस्थ्य निर्माण हेतु आवश्यकतानुसार खुराक प्राप्त होती रहती है
समयानुसार जब वह जीव नारी गर्भ से संसार में आता है तब नारी माँ का रूप  धारण कर अपने शरीर से पूर्ण ममता रूपी अमृत का सृजन कर जीव का पोषण करती है. माँ उस जीव को अपनी आँचल की छाया में सुरक्षित रखती हुई रात दिन उसका लालन पालन करती है . इस तरह माँ अपना सारा जीवन  अपने संतान के पालन पोषण में लगा देती है. इतना तो विष्णु जी भी नहीं करते है. अतः सारे यश धन बैभव देने वाली लक्ष्मी रूपा है .

शिक्षा ज्ञान देने वाली सरस्वती रूपा  है. ऐसा कहा भी जाता है की बच्चो की प्रारंभिक शिक्षा माँ से शुरू होती है. माँ की ऊँगली पकड़ के ही अपने पैरो पर खड़ा होना सीखता है. 

आधुनिक भारत के महानगरों  में  लोग इतनी व्यस्तता भरी जिन्दगी जीते है कि यहाँ चाह कर भी माँ अपने बच्चे पर चाह कर भी भरपूर ममता नहीं लूटा पाती जिस पर बच्चे का हक़ होता है. आजकल माँ बाप दोनों नौकरी करते है इसलिए उन्हें मजबूरन बच्चो को पालना घर या प्ले स्कूल में छोड़ना पड़ता है . असली माँ की ममता गावों या छोटे शहरो  में देखने  को मिलती है .


लेकिन माँ तो माँ ही होती है चाहे वह गाँव की हो या शहर की उसे अपने बच्चे की सारी तकलीफ पता ही  होती है.

मै बहुत भाग्यशाली हूँ कि मुझे  एक साथ कई माँओं का प्यार मिला है. अब आप सोचते होंगे कि कई माँ कैसे हो सकती  है तो बात ये है कि मुझे जनम देने वाली माँ की ममता तो मिली ही परन्तु कुछ दिनों तक उसके बाद मुझे पालने वाली माँ का भरपूर प्यार मिला और सही मायनों मै आज मै माँ शब्द उन्ही के लिए प्रयोग करती हूँ. मै इतनी भाग्य शाली हूँ की अभी भी कई लोग मुझे अपने बच्चे की ही तरह चाहते है. इसलिए आज की ये पोस्ट माँ को समर्पित है.

7 टिप्‍पणियां:

Raj ने कहा…

अपनी सभी माँ को शुभकामनाये दे दीजिये

चैतन्य शर्मा ने कहा…

कितनी प्यारी पोस्ट और प्यारे चित्र .....सभी प्यारी प्यारी ममाओं को हैप्पी मदर्स डे

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

ममता के रंग समेटे हृदयस्पर्शी पोस्ट
सभी माताओं को शुभकामनायें इस खास दिन की....

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

बहुत सुंदर लिखा है आपन और संदेश भी सार्थक है

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

aapke blog ko follow kar liya hai .
plz Follow me my Blog http://sawaisinghrajprohit.blogspot.com

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संजय भास्कर ने कहा…

बहुत सुंदर लिखा है

संजय भास्कर ने कहा…

हैप्पी मदर्स डे